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जयपुर:काला धागा बांधने की प्रथा आज की नहीं सालों  पुरानी है। इसे पैर, गले और बाजु में बांधा जाता रहा है। मूल रूप से इसे नजर से बचने के लिए बांधा जाता है। हमारे  शरीर में पंच तत्व है। ये पंच तत्व हैं- पृथ्वी, वायु, अग्नि, जल और आकाश। इनसे मिलने वाली ऊर्जा हमारे शरीर का …

जयपुरआज शनिवार है पीपल के पेड़ के नीचे सुबह या शाम दीपक जलाएं। माह माघ पक्ष शुक्ल तिथि एकादशी, नक्षत्र आद्रा, सूर्योदय 7.00 सूर्यास्त 6.1। मेष: मेहनत का फल मिलेगा। मित्रों तथा संबंधियों की सहायता करने का अवसर प्राप्त होगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। अपेक्षित कार्य समय पर पूरे होंगे। विवाद से बचें। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। प्रमाद …

जयपुर:केवल हाथों की रेखाएं ही हमारे बारे में बहुत कुछ नहीं कहती, बल्‍कि पैरों की रेखाएं भी भूत और भविष्‍य का आइना होती हैं। समुद्रशास्त्र में पैरों के तलवे की रेखाओं को पढ़कर भविष्य के बारे में बताया जाता है। जानिए पैरों में रेखाओं के निशान आपके भविष्‍य के बारे में क्‍या-क्‍या इशारा करते हैं।अगर …

जयपुर:शास्त्रों में कामदेव को काम का देवता बताया गया है।कामदेव’ को हिंदू देवी श्री के पुत्र और कृष्ण के पुत्र प्रद्युम्न का अवतार माना गया है। सनातन परंपरा में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चार प्रमुख चीजें बताई गई हैं। यदि इसमें काम की बात करें तो तमाम तरह की कामनाओं और इच्छाओं का नाम …

जयपुर:आज जिन बच्चों का जन्म होगा वो अत्यंत भाग्यशाली होंगे। , तिथि- दशमी, 01:19 तक फिर एकादशी, वार- शुक्रवार, नक्षत्र- मृगशिरा 08:53,करण- गरज 01:19,सूर्य राशि- कुम्भ, स्वामीग्रह- शनि, चंद्र राशि- वृष, स्वामीग्रह- शुक्र,सूर्योदय- 07:02,सूर्यास्त- 06:20,अभिजीत- 12:20 से 01:14,राहुकाल- 10:30 से दोपहर 12 बजे तक मेष राशि आज के दिन आपकी सामाजिक पद प्रतिष्ठा बनी रहेगी और व्यापारिक निवेश …

जयपुर:रुद्राक्ष को महादेव का अंश कहते है। रुद्राक्ष धारण करने वाला तथा उसकी आराधना करने वाला व्यक्ति समृद्धि, स्वास्थ्य तथा शांति को प्राप्त करता है। लेकिन अगर रुद्राक्ष को नियमों के साथ नहीं पहना जाए तो रुद्राक्ष नुकसान भी कर सकता है। रुद्राक्ष को सिद्ध़ करने के बाद ही धारण करना चाहिए। साथ ही इसे …

जयपुर: 14 फरवरी तिथि – नवमी – 14:56:01 तक, नक्षत्र – रोहिणी – 22:02:01 तक, करण – कौलव – 14:56:01 तक, तैतिल – 26:13:23 तक, पक्ष – शुक्ल,योग – एन्द्र – 08:33:58 तक, वैधृति – 30:15:11 तक, वार – गुरूवार, सूर्योदय-7.00, सूर्यास्त-6.08। मेष: जीविका क्षेत्र में अवरोधों से मन में निराशा संभव। भौतिक आकांक्षाओं की पूर्ति में ब्यय होगा। नई सफलताओं से खुद की क्षमताओं का …

जयपुर:माघ मास में शुक्ल पक्ष अष्टमी को भीष्म अष्टमी कहा जाता है। इस दिन पितामह भीष्म ने प्राण त्यागे थे। उनकी स्मृति में यह व्रत किया जाता है। इस तिथि पर व्रत रखने का विशेष महत्व है। इस व्रत के प्रभाव से संस्कारी और सुयोग्य संतान प्राप्त होती है। पितामह भीष्म ने ब्रह्मचर्य का वचन …

जयपुर: कुण्डली में जब प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश (1,4,7.8.व 12)भाव में मंगल होता है तब मांगलिक दोष लगता है। इस दोष को शादी के लिए अशुभ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि ये दोष जिनकी कुण्डली में होता है, उन्हें मंगली जीवनसाथी ही तलाश करनी चाहिए।कुंडली में सातवां भाव जीवन साथी और …

जयपुर:तिथि-  सप्तमी 03:54  तक , वार-  मंगलवार,भरणी नक्षत्र- 10:11 तक,करण- वणिज 03:54 तक,माह- माघ , पक्ष- शुक्ल,सूर्योदय- 07:09 ,सूर्यास्त- 06:02। मेष कार्यस्थल पर आप शानदार प्रदर्शन करेंगे और उत्साह के साथ काम करेंगे। यदि आप परीक्षा या प्रतियोगिता के माध्यम से नौकरी की तलाश कर रहे हैं, तो आप सफल होंगे। आपको अपने करियर को बढ़ाने के …