18 अगस्त को होगा राहु का राशि परिवर्तन, जानिए किसको मिलेगा कैसा फल

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लखनऊ: दिनांक 18अगस्त 2017 को भारतीय समयानुसार 04 बजकर 50 मिनट 54 सेकंड पर छायाग्रह राहु और केतु  अपनी वर्तमान राशि सिंह व कुम्भ को छोड़कर वक्र गति से परिक्रमण करते हुए क्रमशः कर्क व मकर राशि मे प्रवेश करेंगे। प्रवेश काल के समय चंद्रमा  आर्द्रा नक्षत्र में संचरण करेगा व राहु का कर्क राशि में प्रवेश अश्लेषा नक्षत्र तथा केतु का धनिष्ठा नक्षत्र में होगा।

यद्यपि ग्रहों व छाया ग्रहों का राशि परिवर्तन सामान्य खगोलीय प्रक्रिया है परंतु राहु व केतु का गोचर काल 18 माह का होता है अतः इनके द्वारा चराचर पर पड़ने वाला प्रभाव उलेखनीय होताहै अतः इनपर दृष्टि विचारणीय होजाती है। प्रत्येक पाठक को संभवतः यह ज्ञात होगा कि राहु व केतु का उदभव सूर्य व चंद्रमा के प्रतिच्छेदन से ही होता है जिसके कारण चंद्रमा की राशि मे राहु का गोचर अति विशिष्ट फल प्रदान करने वाला सिद्ध होगा।

राष्ट्रीय प्रभाव: भारत के जन्मांग में राहु उच्च का होकर लग्न में बैठा है जो न केवल कठिन संघर्ष तथा पीड़ा के बाद उत्तम प्रगति तथा सम्पन्नता का सूचक है अपितु अनुपमेय प्रगति का आधार भी देनेवाला है परंतु राशि के ऊपर वर्तमान राहु का गोचर आर्थिक, राजनैतिक तथा विकास के लिए बेहद खराब कहा जायेगा। कर्क राशि का अधिपति चंद्रमा होता है जो जनता का स्वभाव व सरकार के प्रति विश्वास को दर्शाता है। कर्क राशि का राहु यह स्पष्ट करता है कि जनमानस का विश्वास सरकार पर कम होगा तथा महंगाई बढ़ेगी। राहु विकास को रोककर जहां बेरोजगारी को बढ़ाएगा वही यह सरकार को छलबल के प्रयोग द्वारा सफलता पाने के लिए प्रेरित करेगा। विपक्ष के भारी विरोध का सामना करना पड़ेगा।  राहु किसी विशिष्ट राजनैतिक व्यक्तित्व के जीवन का अंत भी कर सकता है।

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