जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजियो न ज्ञान। यह बात कबीर ने इसलिए कही थी क्योंकि जब भी ज्ञान प्राप्त होता है तो हर तरह के बंधन टूट जाते हैं। जातियां के बंधन भी। ज्ञान चक्षु खोलता है। हमारे राजनेता इसके ठीक उल्टा चाहते हैं क्योंकि खुले चक्षु से जब हम उन्हें निहारेंगे तो …